अपना देश**होली

23 03 2016

 

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भारतसे वापस आ गई .

अपना देश तो अपना देश है.

मगर लोग मानते है हम यहां के भी नही , हम वहां के नही .

क्या सच है ?
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हम यहां के भी है
हम वहांके भी है
दोनों जहांके माहोलसे नाता रखते है हम
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हम होलीभी खेलते है
हम हलोविनभी मनाते है
दोनों त्योहारकी मझे, मस्तीसे लुटते है हम !

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भारतको क्यों भुलाए भाई
अमेरिकासे प्यार करते है हम
ईंडियन अमेरिकन बनकर सर उठाके चलते है हम
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गुजराती मातॄभाषा क्यों छोडे
हिन्दी राष्ट्र्भाषासे प्यार करते है हम
अंग्रेजीमें बात करके अपने खयाल गोरोंको बताते है हम
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संपूर्ण शाकाहरी है हम
प्याज टमाटरकी ग्रेवी बनाते है हम
लसून अदरख डालके बढिया खाना बनाके गोरोंका दिल जीतते है हम
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अपने तौर तरीके क्यों भूले
अमेरिकाकी रसमें अपनाते है हम
प्यारसे दोनोंको मिलाके जिवन व्यवहार चलाते है हम
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देखादेखी से जोजन दूर
ईर्ष्या कभी किसीसे नही
अपनेमें मस्त रहकर जिवन नैया चलाते है हम
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अपने तौर तरीके क्यों भूले
अमेरिकाकी रसमें अपनाते है हम
प्यारसे दोनोंको मिलाके जिवन व्यवहार चलाते है हम
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देखादेखी से जोजन दूर
ईर्ष्या कभी किसीसे नही
अपनेमें मस्त रहकर जिवन नैया चलाते है हम
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शर्ट पहने या जिन्स पहने
खुदको आयनेमें देखते है हम
स्निकर्स पहन कर ट्रेड मिल पर दौड लगाते है हम

***

डॉनटभी खाया और ढोसाभी खाया
खिचडी कढी गोरोंकोभी खिलाया
पिझा, नाचो, समोसे खाके मौझ उडाते है हम

***

गर्मीभी प्यारी बर्फभी प्यारा
एरकन्डीशन और हिटर दोनो अपनाया
खिडकीसे सूरजको देख उनकी भव्यताके शुक्रगुझार है हम

***

भारात बारबार जाते है
आक्वागार्डका पानी पीते है
भेलपुरी और पानी पूरी बिसलरीमें बनवाकर मौझ उडाते है हम

***

‘ओफ्फ’ लगाया ‘मच्छर पास न आया

खुजली तो आती नही
क्रिम लगाके अपने आपको सहलाते है हम

***

फकीरोंका पेट भरा
डॉलरका रूपिया किया
नौकरोंको ईज्जत देकर काम करवाते है हम

***

संडासकीतो बात ही क्या
दोनोंसे रिश्ता जोडा
जहां जो मिला काम चलाते है हम

हम यहां केभी है
हम वहांके भी है
हम त्रिशंकु नही बडे उस्ताद है हम’

***

दोनों जहांकी खुबियां पहचानी
अच्छाईयोंका लाभ उठाया
अपने जिवनको रसमय बनाते है हम

***

अमेरिकामें पैदा हुए बच्चोंको
प्यारसे संस्कार देकर
असलियत दिखाकर हुशियार बनाते है हम

***

मोरके अंडे है पींछी और रंगकी जरूरत क्या ?
अपने आपके साथ, गोरोंका पकडकर हाथ
अनमोल जिवनकी मंझिल तय करते है हम


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3 responses

23 03 2016
Jayshree T Vyas

Hi

Very nice

Jayshree Vyas

23 03 2016
Bhavana Patel

Apana Desh Holi – Hi! Very nice, Excellent. I am forwarding this to all my friiends and dear family members in India. They never / or rarely feel this way about us Desis living in U.S.A. but America ni copy kon nathi kartu? In India even smaller towns are adopting same things as we do.
Schools in KG. celebraties Haloweens, Valentine and even Thnksgiving!! Believe me. My two cousins have a Kindergarten schools in Mumbai and Baroda. and my sisters Grand kids send us pic of all American festivals celebration s in school.
Bhavana Patel

23 03 2016
Pravina Avinash

Thanks a lot you are correct. I would say it is sad. We do not value what we have.

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